शनिवार, अक्तूबर 13, 2012

हक मांगे गर ये पीट पीट लाओ जी,

बिजली पानी के नाम लूटना ना छोड़िये,

डाकू हैं बेशक, दुशाला राम नाम ओडीए,

हमारे हाथ मरने को जनता लाचार है,

फ़िक्र काहे की तुम्हे मनमोहन सरदार है..........


दोनों हाथ लूट चाहे चार हाथ लूटिये,

विरोध गर करे कोई ठोकिये और पीटिए,

लूटना ना छोड़ तुझे काहे का डर यार है,

इस हमाम नंगी सारी सरकार है..............


घोटाले कितने दिन याद रख पाएंगे,

भुल्लकड़ लोग ये सब भूल जायेंगे,

महंगाई का दंश इन्हें दो बारम्बार जी,

नॉटफ़िक्र रहनुमा है तेरा सरदार जी...............


क़ानून का लट्ठ जब तेरे मेरे हाथ है,

जनता से डरने की फिर क्या बात है,

हो केजरीवाल या अन्ना जेल दिखलाओ जी,

हक मांगे गर ये पीट पीट लाओ जी,

नाजी के बाप हम हिटलर हम खुद यार हैं,

जनता के लट्ठ दो खुदा तुम्हारा सरदार हैं..............