रविवार, जुलाई 08, 2012

तुझे तिहाड़ का चयन भी है

तुमने मेरे नयनों में,
लाखों स्वप्न सजाये थे,
नयनों में आंसू भर अपने,
वोट मांगने आये थे,

जीत के तुम जब संसद पहुंचे,
नयनों चमक निराली थी,
मेरे नयनों में आंसू थे,
मेरी झोली खाली थी,

तेरे सपने आसमान पर,
मेरे सपने चूर हुए,
तेरी आँखों में पानी ना रहा,
मेरे नयन से आंसू दूर हुए,

बेशक रीते नयना मेरे,
पर रोते तेरे नयन भी है,
मैं अपनी मुफलिसी में खुश,
तुझे तिहाड़ का चयन भी है