सोमवार, फ़रवरी 14, 2011

***हर दिन वेलेंटाइन मनाऊं मैं***

बन बेबकूफ क्यों प्यार को मैं,
एक दिन का ही त्यौहार करूँ,
हर दिन को ही क्यूँ ना मैं,
वेलेंटाइन डे यार करूँ.............

अपने प्रियतम ओ सजनी के,
मन मष्तिष्क पर छा जाऊं मैं,
इतना प्यार भरूं जीवन में,
हर दिन वेलेंटाइन मनाऊं मैं.............

विश्वास का प्रतिमान बनू,
जीवन भर का मैं सम्मान बनू,
अपने साथी की नजर में क्यूँ ना मैं,
सच्चा इक इंसान बनू.............

खुदगर्जी का मेरा प्यार ना हो,
त्याग से मुझे इनकार ना हो,
इस मूल मन्त्र को मान जो लूं,
जीवन में कभी तकरार ना हो.............

ये अंग्रेजी त्यौहार मेरी,
भारतीय संस्क्रती का सार नही,
हमसफर से हमारे बंधन अटूट,
होता कुछ पल का यहाँ पर प्यार नही..........