शुक्रवार, फ़रवरी 11, 2011

***विश्व कप जीत कर, घर वापिस लाओ जी***

इतिहास को फिर से, तुम दौहराओ जी,
विश्व कप जीत कर, घर वापिस लाओ जी........

चोट की फांस से, उबरो सहवाग जी,
बहुत किये आराम, अब तो जाओ जाग जी,
अच्छी शुरुआत का, तुम पर ही भार है,
मुल्तान के सुल्तान, सबको तुमसे प्यार है,
दनादन चौके, चक्के, रन बरसाओ जी,
विश्व कप जीत कर, घर वापिस लाओ जी........

सचिन तुम क्रिकेट की, दुनियां के भगवान हो,
क्रिकेट की दुनियां में, सबसे महान हो,
विश्व कप का सपना, देखा जन जन ने,
ख्वाव इसे लाने का, है तेरे भी तो मन में,
अपने बल्ले से दनादन, रन बरसाओ जी,
विश्व कप जीत कर, घर वापिस लाओ जी........

युवी तुम याद करो, ट्वेंटी के छ: सिक्सर,
दुनियां को दिखाओ, तुमने मारे ये क्यूँकर,
फिर याद करो तुम, अपनी वो पारी,
दनादन लगाओ सिक्सर, फिर एक बारी,
ट्वेंटी को इस बार, फिर दौहराओ जी,
विश्व कप जीत कर, घर वापिस लाओ जी........

माही तुम भारत के, सफलतम कप्तान,
विरोधी भी तुम्हारा, सदा करते हैं सम्मान,
माही तुम माही हो, दुनिया को दिखला दो,
सारे जग में भारत का, डंका बजवा दो,
अपने दिमाग से, विरोधियों को छ्काओ जी,
विश्व कप जीत कर, घर वापिस लाओ जी........

गम्भीर तेरा बल्ला, सब पर भारी हो,
गेंदबाज दहल जाये, ऐसी तेरी पारी हो,
तूने कई सारे, शतक बनाये हैं,
दनादन तूने, रन बरसाए हैं,
विरोधियों के तुम, उकसावे नही आओ जी
विश्व कप जीत कर, घर वापिस लाओ जी........

विराट तुम अपने, नाम को साकार करो,
मैच जिताने का, करिश्मा हर बार करो,
रैना तूने हारे कई, मैच जिताए हैं,
मैं ऑफ़ द मैच, तेरे हिस्से में आये हैं,
विश्व विजेता टीम का, तुम हिस्सा बन जाओ जी,
विश्व कप जीत कर, घर वापिस लाओ जी........

तेरी भी तो कुछेक, पारियां महान है,
विरोधियों ने देखा, तेरा तूफ़ान है,
दुनियाँ को दिखला, रनों की तू खान है,
यूँ ही नही तुझको, कहते पठान है,
अपना तूफ़ान बार-बार दिखाओ जी,
विश्व कप जीत कर, घर वापिस लाओ जी........


भज्जी दिखला दे, तू सच्चा सरदार है,
कोई भी ना समझे, ऐसा फिरकी का वार है,
यूँ ही नही दुनियाँ, तुझे टर्बनेटर कहती है,
तेरी फिरकी सदा, सुर्ख़ियों में रहती है,
अपनी फिरकी को और, धार लगाओ जी,
विश्व कप जीत कर, घर वापिस लाओ जी........

वापिस जब से लौटा, है जहीर खान तू,
रफ्तार का लाया, बेलगाम तूफ़ान तू,
विश्व कप जीत में, तेरा अहम मकाम है,
विकेटें ले फटाफट, यही तेरा काम है,
गेंदों से आग उगलो, कहर बरपाओ जी,
विश्व कप जीत कर, घर वापिस लाओ जी........

नेहरा तेरी गेंदों में भी, धार बहुत है,
विश्वास रख तुझ पर, हथियार बहुत है,
मुनाफ तू अपनी, रफ्तार को लगाम दे,
स्विंग को निशाने पर, रख कर काम ले,
विरोधियों को आल आउट कर के दिखाओ जी,
विश्व कप जीत कर, घर वापिस लाओ जी........

श्री संत तेरा लक, तुझे टीम में लाया है,
तूने अपनी गेंदों से, बहुतों को छकाया है,
खिताव की इस जंग में तेरा बोलबाला हो,
सारी टीम के लव, जीत का प्याला हो,
दुनिया रखे याद सदा, ऐसा कर जाओ जी,
विश्व कप जीत कर, घर वापिस लाओ जी........

पीयूष तेरी फिरकी का, तोड़ ना होने पाए,
ऐसी गेंद फेंक, जिसका जोड़ ना होने पाए,
पूरा करना अश्विन, है तुम पर विश्वास जो,
है तेरा इम्तिहान ये, इसमें तू पास हो,
जहां मौका मिले, जान पूरी लगाओ जी,
विश्व कप जीत कर, घर वापिस लाओ जी........

पूरे भारत भर का है, तुम पर विश्वास जी,
जीत लो विश्व कप, पूरी करो आस जी,
भंगड़ा करो नाचो, और गाओ तुम गीत जी,
जादू बिखेर दो, लो विश्व कप जीत जी,
दुनिया को फिर फतह, करके दिखाओ जी,
विश्व कप जीत कर, घर वापिस लाओ जी........

तुम में ही कोई पाटिल है, और अमरनाथ भी तुममे है,
तुममे ही है मदन, और किरमानी की बात भी तुममे है,
तुममे ही कोई एक संधू है, तुममे ही एक रोजर भी,
तुममे कोई एक तो, बनके कपिल दिखलाओ जी,
विश्व कप जीत कर, घर वापिस लाओ जी........

बन श्री कान्त और यशपाल, तुम्हे सामने आना ही होगा,
तुममे ही किसी को वेंगसरकार, आजाद कहाना ही होगा,
रवि शास्त्री भी तुममे है, है गावस्कर सा महान भी,
एक अरब भारतियों का, है तुमको वरदान भी,
हो सामने कोई भी तेरे, धज्जी उसकी उडाओ जी,
विश्व कप जीत कर, घर वापिस लाओ जी........