मंगलवार, फ़रवरी 08, 2011

***डी एस पी को जूती सफाई से इनकार नही है***

मायावती की माया का पारावार नही है,
डी एस पी को जूती सफाई से इनकार नही है .......

क़ानून के नौकर है जूती की नोक पर,
अफसरशाही फिर भी शर्मसार नही है .......

क्योंकर मिला पदम सिंह को पुलिस पदक,
इस पदक के तो वो कैसे भी हकदार नही हैं.......

क़ानून के रखवाले जो चाटेंगे जूतियाँ,
इनको तो रक्षा का कोई अधिकार नही है.......

क़ानून व्यवस्था की यहाँ उडती हैं धज्जियां,
लगता है यहाँ क़ानून की सरकार नही है.......

गर अपनी काबलियत से पहुंचे हो यहाँ तक,
"दीवाना" तुम्हे चापलूसी की दरकार नही है.......