बुधवार, दिसंबर 01, 2010

***मेरे प्रेम करने लिए ये सारा, जहान है मेरे दोस्तों***

प्यार कुछ लोगों का, ईमान है मेरे दोस्तों,
कुछ के लिए ये हवस का, सामान है मेरे दोस्तों.....

प्यार कुछ के वास्ते, उम्र भर की है पूजा मगर,
प्रेम कुछ को रात भर का, मेहमान है मेरे दोस्तों....

कुछ ने इसे माना, रब की है रहमत महान,
कुछ के लिए ये बदन का, विज्ञान है मेरे दोस्तों......

कुछ ने खुद को भंवरा समझा, रस कली का चूसने,
कुछ के लिए ये गीता और, कुरआन है मेरे दोस्तों.....

ये प्यार ही है दोस्तों, जिसने वानर को मानव कर दिया,
इसके बिना आज भी, जानवर ही, इंसान है मेरे दोस्तों....

प्यार को आज लोग समझे, डिस्को ओ रेव पार्टियां,
मेरे लिए ये आज भी, भगवान है मेरे दोस्तों.....

मतलब है क्या मकसद है क्या, तेरे लिए है प्रेम का,
मेरे प्रेम करने लिए ये सारा, जहान है मेरे दोस्तों......