शनिवार, दिसंबर 04, 2010

***प्यार है ऐसा जहर, जिसको सबने चाहा पीना***


प्यार किसी की नजर में, है मीरा और राधा,
प्यार बिना, कुछ ने कहा, ये जीवन है आधा.........

प्यार कुछ की नजर में, गरल है ये मेरे दोस्तों,
संग इसके कुछ का जीवन, सरल है मेरे दोस्तों..........

कुछ ने इसको कह दिया, आब -ए-हयात,
कुछ ने इसको माना, सात जन्मों का साथ..........

कुछ ने इसको माना है, तलवार दुधारी,
फिर भी इसी के साथ वो, करते हैं यारी...........

कुछ ने कर दिया प्यार पर, खुद को, कुर्बान मेरे दोस्तों,
कुछ ने ली प्यार के लिए, प्यार की ही जान मेरे दोस्तों ..........

प्यार तो बस प्यार है, जिसके अनेकों रंग हैं,
कहीं संग दिल सनम है तो, कहीं सनम संग है.........

प्यार है ऐसा जहर, जिसको सबने चाहा पीना,
प्यार तो करना ही होगा, अगर दुनिया में है जीना..............

प्यार से जो दूर भागा, हस्ती तेरी मिट जायेगी,
सारी दुनिया एक बड़ा, कब्रगाह नजर आएगी ...............