सोमवार, नवंबर 29, 2010

***हम हैं कितने अहिंसक और महान***


वन्दे मातरम दोस्तों,

हम भी कितने पागल हैं,
चाहते है गूंगे बोले नही गाना गाये,
लूले ताली नही ढोल बजाये,
लंगड़े दौड़े मैराथन जीत के लाये,
हम भी कितने पागल हैं,...............

हम भी कितने दानी हैं,
देश में कितने ही हत्यारे आये,
हमारे परिजनों की लाशें बिछाए,
उन्हें बचाने खुद वकील दिलाये,
हम भी कितने दानी हैं................

हम कितने महान हैं दोस्त,
नेता, बरसी पर, भाषण दे भावुक बनाये,
थोड़े घडियाली, आंसू बहाये,
कायरता को अपनी छिपाएं,
हम कितने महान हैं दोस्त..........


हम हैं कितने अहिंसक और महान,
क्षमा बडन को चाहिए का करते रहते गान,
अपने ही हत्यारों को, रखते हम दामाद समान,
संसद की जूतम पैजार, देखता सारा हिन्दुस्तान,
हम हैं कितने अहिंसक और महान..........