बुधवार, अक्तूबर 20, 2010

*** मीडिया पर हमला ***


वन्दे मातरम दोस्तों,

*****मजहब नही सिखाता आपस मैं बैर रखना,
हिंदी है हम वतन है हिन्दोस्तान हमारा******

मीडिया पर हुए हमले पर मैंने कुछ शब्द लिखे थे उस पर एक पूरी बहस छिड गई, आप सभी के विचार मैंने पड़े आप सभी ने इसे अपने हिसाब से लिया. दोस्तों कुछ कहने से मैं अपने आप को रोक नही पा रहा हूँ, हिन्दू धर्म मैं जितनी दया व सहनशीलता है उतनी शायद विश्व के किसी धर्म मैं नही है, मुझे गर्व है की ईस्वर ने मेरे जन्म के लिए भारत भूमि को चुना और उससे भी अधिक गर्व मुझे अपने हिन्दू होने पर है, दोस्तों बात थी केवल कट्टरता की कम से कम हिन्दू धर्म मैं कट्टरता के लिए कोई जगह नही है, हम अपने आस पास मैं और अपने दोस्तों पर नजर डालते हैं तो उसमे बहुत से लोग हैं जो हिन्दू नही है और उनके प्रति हमारे मन में हमारे दिमाग मैं कहीं कोई नफरत नही है उन विशेष हालत को छोड़ कर जब हम धर्म के टेकेदारों द्वारा भड़काए गये,
दोस्तों ये सच है जब आतंक वादी हम लोगों पर हमले करते हैं हम सभी का मन क्रोध से भर उठता है हम भी भावावेश मैं मुस्लिम समुदाय के इन लोगों को खत्म कर देना चाहते हैं और तब हमे साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और कर्नल पुरोहित अपने हीरो नजर आते हैं मगर इन समवेदन शील छ्नो मैं भी हमारा मन अपने पडौस मैं रह रहे मुस्लिम बन्धु के प्रति नफरत से भर नही उठता है, यही है हिन्दू धर्म की दया व सहन शीलता.
दोस्तों बात चली थी मीडिया पर हुए हमले से, हम इस बात को भली भांति जानते हैं की कुछ चैनलों राजनैतिक दलों के लिए कार्य करते है और इसी के चलते समय समय पर हम कभी किसी चैनल पर किसी दल के तो दुसरे चैनल पर किसी और दल के नेताओं की काली करतूतों को देखते हैं, एक तरीके से देखा जाये तो इस लड़ाई मैं आम आदमी को हकीकत का पता चलता रहता ये अलग बात है की जब हमारी आस्था पर प्रहार होता है तो हमे ठेस भी लगती है और दर्द भी होता है, मगर विरोध के इस तरीके का मैं अब भी पुरजोर विरोध करता हूँ क्योंकि यह तरीका अपनाने के बाद उनमे और हम मैं कोई फर्क रह जाने वाला नही है, अगर हमारे नेतागणों को लगता है की चैनल ने कुछ गलत दिखाया है तो वो इस चैनल को कोर्ट मैं घसीट सकते थे,
दोस्तों मैं अपने दिन की शुरुआत वन्दे मातरम से ही करता हूँ यह केवल कहने भर को नही है आप मैं से जो मुझ से जुड़े है मेरे लिखे को पड़ते रहे हैं वह इस हकीकत को जानते हैं अटल बिहारी बाजपेयी जी मेरे आदर्श पुरूष हैं
दोस्तों मैं केवल इतना कहना चाहता हूँ की हमारी लड़ाई हर उस व्यक्ति, समुदाय और देश से है जो हमारी एकता को हमारे देश को खंडित करना चाहता है जो किसी भी प्रकार से भारत विरोधी है उसको समाप्त करने के लिए हम जान दे भी सकते हैं और जान ले भी सकते हैं.

***ये भारत देश हमारा है, जो इस पर आँख उठाएगा,
चुटकी से मसल कर उसको, मिटटी में मिलाया जायेगा***

वन्दे मातरम दोस्तों, जय हिंद जय भारत