मंगलवार, अक्तूबर 19, 2010

***यौवन को अंगार बना दो***

****यौवन को अंगार बना दो
क्रांति की नई मशाल जगा दो,
नस नस में एक ज्वाला भर दो,
नई क्रांति का ऐलान कर दो,

भ्रष्टाचारी इस देश से भागें,
नेता सोये नीद से जागें,
रिशवत का निजाम बदल दो,
देश द्रोही का अंजाम बदल दो,

आपस में लडवाने वाले,
भाषण दे भडकाने वाले,
ऐसे नेता पंडे और मौलवी,
ये दुश्मन हिंदुस्तान के सभी,

मत इनके बहकावे आयो,
नफरत के तुम गीत न गाओ,
हम भारत के नौ जवानों,
अपनी ताकत को पहचानो,

हम ने ही अंग्रेज भगाए,
हम ही तो आजादी लाये,
नया सवेरा इस देश में अब भी हमें ही लाना है,
गद्दी के गद्दारों को इस देश से दूर भगाना है,****