रविवार, अक्तूबर 31, 2010

***मेरी कोशिश तो केवल, सोई कौम जगाना है.........

ये ब्लागिंग ये लिखना लिखाना,
ये तो फक्त बहाना है,
मेरी कोशिश तो केवल,
सोई कौम जगाना है.........

कोई ऐसा कार्य नही,
ना हम जिसको कर पाएंगे,
बन जामवंत हमको हमारी,
वो ताकत याद दिलाना है ..........

हम शिवा के वंशज हैं,
रानी झाँसी की सन्तान हैं हम,
है सुभाष का लहू रगों मैं,
ये हमको बतलाना है ..................

देख देश की हालत को,
आँखे तेरी बंद हैं क्यूँ?
तेरी रगों मैं जम जो चूका है,
उस लहू को खोलाना है ..............

हम बने भगत, सुखदेव बने,
अशफाक उल्ला और राज गुरू,
लाला जी और तिलक बने,
खुद को पटेल बनाना है............

ये निजाम हमी को बदलना है,
आओ कसम उठायें मिल करके,
देश को गद्दारों से बचाने,
बेशक फिर फांसी चढ़ जाना है .........

ना हम पंजाबी, मद्रासी,
ना मराठी, बंगाली कहलाये,
ना हिन्दू ना मुसलमाँ,
बन भारतवासी मर जाना है ................

ये ब्लागिंग ये लिखना लिखाना,
ये तो फक्त बहाना है,
मेरी कोशिश तो केवल,
सोई कौम जगाना है.........