रविवार, सितंबर 26, 2010

इश्क के नगमों से मुझे, नफरत नही है दोस्त,

इश्क के नगमों से मुझे,
नफरत नही है दोस्त,
पर प्यार के हसीं धोखे,
मेरी फितरत नही है दोस्त,

प्यार की खातिर मिटना,
जमाने मैं किसे आता है अब,
और प्यार पर मैं मिट जाऊ,
मेरी किस्मत नही है दोस्त,

साथ जीने मरने के वादे,
पर साथ जब रहना हुआ,
दिल ने बीएस फिर ये कहा,
ये कोई जन्नत नही है दोस्त,

प्यार ने तोडा बहुत,
मैं प्यार मैं टूटा बहुत,
और फिर कुछ टूट जाऊ,
मेरी हिम्मत नही है दोस्त ,

इश्क के नगमों से मुझे,
नफरत नही है दोस्त,
पर प्यार के हसीं धोखे,
मेरी फितरत नही है दोस्त,