मंगलवार, फ़रवरी 07, 2017

वोटों के व्यापारी आये

सपनों की फुलवारी लाये,
वोटों के व्यापारी आये..........


जाति धर्म की बातें करते,
वोटो की खातिर ये साथी,
वादों में हमको बरगलाते,
सत्ता के शातिर ये साथी,
जिस पर हमको चलना है,
वो ये शमशीर दुधारी लाये,
वोटों के व्यापारी आये................



जातियों के नाग हैं फिर से,
आरक्षण के दाग हैं फिर से,
खोखले वादे झूंठा विकास,
साम्प्रदायिक आग है फिर से,
जनता से छल करने खातिर,
व्यव्हार कुशल व्यवहारी आये,
वोटों के व्यापारी आये..............

बुधवार, फ़रवरी 03, 2016

......रावण सी दानवी,और कभी राम सी ....

जिंदगी को जानिए, शहर, शब शाम सी,
रावण सी दानवी,और कभी राम सी ..........
तोड़ती है एक झटके में कभी सपने सभी
अपने बेगाने होते, बेगाने अपने कभी,
कभी भरती मुंह में कड़वाहट नीम सी,
कभी खुद बनती साकी, कभी खुद जाम सी 
जिंदगी को जानिए, शहर, शब शाम सी,
रावण सी दानवी,और कभी राम सी ..........
कई बार जिंदगी मृगतृष्णा शाम ओ शहर,
जेठ की दोपहरी से तपते चारो पहर,
कभी खुद बनके सावन, पींगे बढ़ाती है,
माँ के आँचल में कभी करती आराम सी,
जिंदगी को जानिए, शहर, शब शाम सी,
रावण सी दानवी,और कभी राम सी ..........
कभी इतनी कीमती, छोड़ नही पाते हैं,
खुशियाँ खरीदने, सब कुछ लुटाते हैं,
खुशियां दे हमको दुआ सदा मांगती,
बेशकीमती ये जिंदगी लगती है आम सी
जिंदगी को जानिए, शहर, शब शाम सी,
रावण सी दानवी,और कभी राम सी ..........
कभी तन्हाई में गुनगुनाती जिंदगी,
शमशान में भी चहचहाती जिंदगी,
कभी मेले में भी तन्हा रह जाते हैं,
महफ़िल में लगती जिंदगी बेदाम सी
जिंदगी को जानिए, शहर, शब शाम सी,
रावण सी दानवी,और कभी राम सी ..........
जिंदगी तो जिंदगी है जिसका अपना फलसफा
कब कहाँ ये लूट ले झोलियाँ भर दे कहाँ ,
जिन्दगी ने क्या दिया इसको ना सोचिये,
खट्टी और मीठी ये रब का पैगाम सी
जिंदगी को जानिए, शहर, शब शाम सी,
रावण सी दानवी,और कभी राम सी ..........


मंगलवार, नवंबर 10, 2015

********** ये देश सहे आखिर कब तक**********

********** ये देश सहे आखिर कब तक**********

कब तक हिन्दू को मुस्लिम से, हर रोज लड़ाया जायेगा,
कब तक गोधरा होगा और अख़लाक़ जलाया जायेगा,
कब तक वोटों की खेती को मंडल और कमंडल होंगे,
अगड़ों पिछड़ों को आखिर कब तक भड़काया जायेगा..............

महंगाई की बात नही, नफरत के नाग डसेंगे कब तक,
मेहनतकश सड़कों पर, भूखे यार मरेंगे कब तक,
कब तक अपराधी गद्दी चढ़, अफसर को हड़काएगा,
वोटों की खातिर जनता को, यूँ सूली पे चढ़ाया जायेगा............

देशद्रोही और अपराधी, ये देश सहे आखिर कब तक,
भूख से मरता जनमानस चुपचाप, रहे आखिर कब तक,
भारत माता की छाती पर, क्यों पाकिस्तानी नारा हो, 
आतंकियों को आखिर कब तक, दामाद बनाया जायेगा


शनिवार, जून 20, 2015

वादा खिलाफी की तुझे बीमारी बहुत है

यूँ पहले ही तुझ पर ना एतबारी बहुत है
वादा खिलाफी की तुझे बीमारी बहुत है
उस पर ये तुर्रा हुए सत्ता नसी ज्यों ही
अपनों का गला रेतने तैयारी बहुत है......

हिटलर से सीखा है तूने राज चलाना,
खुद के राजदारों को मिटटी में मिलाना,
खुद को शेर बताते, सियार तुम ये दोस्त,
मर्द की खाल में तुम निकले जनाना………

शनिवार, दिसंबर 28, 2013

तलवार धार चलकर, है व्यवस्था तुझे बदलना.

तलवार है दुधारी, जिस पथ है तुझको चलना,
है तेरे अपने हाथ ही, गिरना और सम्भलना......

सियासत में बहुत शातिर, है ये कॉंग्रेस प्यारे,
गिरगिट से सिखा इसने, पल पल में रंग बदलना...........

इसने दिया समर्थन, ये बात ना अजब  है,
रहना जरा सम्भलकर, न पड़ जाए हाथ मलना..........

इनके किये घोटाले, तुम जांच कैसे लोगे?
इन संग कदम मिलाकर, जब साथ तुमको चलना?.......

हवा में उड़ ना जाएँ, आदर्श सब तुम्हारे,
बचना जरा सम्भलना, मिल जाए इन से छलना............

सत्ता के लोभ प्यारे, इक पल भी गर झुके तुम,
इस देश कि ये जनता, तेरे साथ होगी कलना...........

तुझे याद रखना होगा, नही सत्ता कि जंग तेरी,
तलवार धार चलकर, है व्यवस्था तुझे बदलना........
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आदरणीय केजरीवाल जी अपने आप में बेहद समझदार हैं, आम आदमी को उनसे बहुत उम्मीदें हैं, लोभ मानव मात्र कि कमजोरी है, अब आप आम नही खास हो गई है पूरी आप टीम को सत्ता के मद से सावधान रहना होगा, क्योंकि आप सत्ता परिवर्त्तन के लिए नही बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए मैदान में लाखों आकांछाओं का बोझ ले कर उतरी है.   

 

सोमवार, अगस्त 12, 2013

संघर्ष विराम का उल्लंघन

जम्मू,संघर्ष विराम का उल्लंघनकरते हुए पाकिस्तानी सेना ने रविवार को फिर से भारतीय सीमा चौकियों पर फायरिंग की। इस बार पाकिस्तान के निशाने पर जम्मू जिले के कानाचक्क इलाके की 12 चौकियां रहीं। गोलीबारी में सीमा सुरक्षा बल [बीएसएफ] के एक जवान घायल हुआ है।
भारत ने भी इस गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया। पाकिस्तान की ओर हुए नुकसान का पता नहीं चल सका है। पूर्वाह्न में पुंछ जिले के बालाकोट-मेंढर इलाके में भी गोलीबारी की सूचना है। सेना के सूत्रों के अनुसार गोलीबारी में किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है।

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इस बीच पांच अगस्त को हुई पाकिस्तानी गोलीबारी में घायल बीएसएफ जवान की रविवार को एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई।
पाकिस्तान की ओर से प्रात:काल शुरू हुई यह फायरिंग रुक-रुककर अपराह्न दो बजे तक जारी रही। इस दौरान बीएसएफ के जवान पवन कुमार के सीने में गोली लगी, जिसका असर उसकी रीढ़ की हड्डी पर भी हुआ। नर्वस सिस्टम प्रभावित होने से पवन कुमार के दोनों पैरों ने काम करना बंद कर दिया है। उसे इलाज के लिए दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भेजा जाएगा। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने शनिवार से तीसरी बार संघर्ष विराम का उल्लंघन करके गोलीबारी की है। शनिवार को पुंछ जिले से लगी भारतीय सीमा में सात घंटे में पाकिस्तान की ओर से सात हजार चक्र गोलियां चलाई गई थीं। पाकिस्तान की ओर से यह गोलीबारी सीमा पार करके पांच भारतीय जवानों की हत्या के बाद की जा रही है।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता एसएन आचार्य के अनुसार पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के समीप शनिवार रात 10.20 बजे भी पाकिस्तान की ओर से फायरिंग की गई, जो तड़के साढ़े चार बजे तक जारी रही। भारत की ओर से भी इस गोलीबारी का जवाब दिया गया। किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। बीती पांच अगस्त को भी सांबा जिले के नारायणपुर इलाके में गश्त करके बीएसएफ के गश्ती दल पर फायरिंग की थी। इस फायरिंग में हेड कांस्टेबल राम निवास मीणा घायल हो गए थे। उनके सीने में गोली लगी थी। दिल्ली के एम्स में इलाज के दौरान रविवार को उनकी मौत हो गई। इस साल एक जनवरी से अभी तक पाकिस्तान की ओर से 57 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया जा चुका है।
पाक ने लगाया भारत पर आरोप
इस्लामाबाद में पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एजाज अहमद चौधरी ने गोलीबारी के लिए भारतीय सुरक्षा बलों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा, सियालकोट सेक्टर में रविवार सुबह भारतीय सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान रेंजरों पर फायरिंग की।

शुक्रवार, अगस्त 09, 2013

मैंने कराया सस्पेंड - भाटी



  नई दिल्ली। क्या नोएडा की पूर्व एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल साजिश का शिकार हुईं। अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स ने जिला प्रशासन के एक अधिकारी के हवाले से सनसनीखेज खुलासा किया है। अखबार के मुताबिक जिस निर्माणाधीन मस्जिद की दीवारी को ढहाने का हवाला देकर दुर्गा के निलंबन को जायज ठहराया जा रहा था वो दरअसल एसपी नेता नरेंद्र भाटी की साजिश का हिस्सा थी। इतना ही नहीं भाटी ने झूठ बोलकर सीएम अखिलेश यादव को भी गुमराह किया। एक वीडियो में नरेंद्र भाटी ने दावा किया था कि उन्होंने महज 41 मिनट में दुर्गा शक्ति नागपाल को निलंबित करवा दिया।

शनिवार, अक्तूबर 13, 2012

...कुली कैसे शहंशाह बने हम्माली में...

जनता को भी याद नही घोटाले कितने हुए,
कितने मुंह काले हुए कोयले की दलाली में...........
पचास लाख क्यूँकर पाँच सौ करोड़ बने,
कुली कैसे शहंशाह बने हम्माली में.............
विकलांगों का पैसा किस किस की जेब गया,
रातों रात महल कैसे बने जगह खाली में.............
टू जी और थ्री जी का दौर कब गुजर गया,
सागर समाया क्यूँकर चाय की प्याली में...............
हर दिन इनका ईद, रात हर दिवाली,
दीवाला जनता का, हरेक दिवाली में..............
एक घोटाला चलो भूल भी जाता ये देश,
बाग़ को लूटने की हौड लगी माली में..............
गैस रसोई से गई दाल भात पेट से,
आटा भी गीला हुआ अब तो कंगाली में..............

वेश्याओं से बदतर इन्होने आत्मा बनाली है,

वन्दे मातरम दोस्तों,
अधिकांश नारियां मजबूरी वश,
देह व्यापार करती हैं,
कुछेक स्वेक्षा या शौक या पैसे की खातिर.
इस धंधे में उतरती है,
मगर
धंधे के वक्त ना सही,
शर्म तो फिर भी,
इन बेशर्मों में होती है,
तन्हाई में जब सोचती हैं ये,
इनकी अंतरात्मा,
जार जार रोती है.
........................
सरकार में बैठे मेरे अजीज नेता,
इन वेश्याओं से भी,
गए गुजरे हैं,
सीड़ियों पर बैठे वो दल्ले और भडवे,
इन सफेद पोश लोगों से,
ज्यादा उजरे हैं,
वो करती तन का सौदा,
संतुष्टि ग्राहक की,
मन में उनके मैल होता शायद नही,
ये उजले कपड़े पहन कर वोट मांगते मगर,
गंदगी इनके ज़हन चार सू है बसी,
वोट जिसने दिया
उसकी इनको फ़िक्र कब,
कम्पनियों की ये करते दलाली हैं,
देश जाये भाड़ में
जनता मरती मरे,
वेश्याओं से बदतर इन्होने आत्मा बनाली है,
वो पैसे लेती मगर अपना करती हैं,
वोट पाकर फ़िक्र इन्हें कब
जनता भूखी मरती है,

हक मांगे गर ये पीट पीट लाओ जी,

बिजली पानी के नाम लूटना ना छोड़िये,

डाकू हैं बेशक, दुशाला राम नाम ओडीए,

हमारे हाथ मरने को जनता लाचार है,

फ़िक्र काहे की तुम्हे मनमोहन सरदार है..........


दोनों हाथ लूट चाहे चार हाथ लूटिये,

विरोध गर करे कोई ठोकिये और पीटिए,

लूटना ना छोड़ तुझे काहे का डर यार है,

इस हमाम नंगी सारी सरकार है..............


घोटाले कितने दिन याद रख पाएंगे,

भुल्लकड़ लोग ये सब भूल जायेंगे,

महंगाई का दंश इन्हें दो बारम्बार जी,

नॉटफ़िक्र रहनुमा है तेरा सरदार जी...............


क़ानून का लट्ठ जब तेरे मेरे हाथ है,

जनता से डरने की फिर क्या बात है,

हो केजरीवाल या अन्ना जेल दिखलाओ जी,

हक मांगे गर ये पीट पीट लाओ जी,

नाजी के बाप हम हिटलर हम खुद यार हैं,

जनता के लट्ठ दो खुदा तुम्हारा सरदार हैं..............